बिहार की नई समय-आधारित बिजली दरें बालराम कॉम्प्लेक्स में दुकान की योजना बना रहे लोगों के लिए बहुत व्यावहारिक विषय हैं। 1 अप्रैल 2026 से बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने कई गैर-कृषि उपभोक्ताओं के लिए Time-of-Day tariff अनिवार्य किया है। अब दुकान का बिजली खर्च केवल कुल यूनिट पर नहीं, बल्कि बिजली कब इस्तेमाल होती है, इस पर भी निर्भर करेगा।
1 अप्रैल 2026 से क्या बदला
BERC के 2026-27 टैरिफ आदेश के अनुसार ToD टैरिफ 10 kW से अधिक कॉन्ट्रैक्ट डिमांड वाले गैर-कृषि उपभोक्ताओं और स्मार्ट मीटर वाले गैर-कृषि उपभोक्ताओं के लिए लागू है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऊर्जा शुल्क सामान्य दर का 80 प्रतिशत, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक कई कमर्शियल श्रेणियों के लिए 120 प्रतिशत और रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर लागू होती है।
दुकानों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
यदि कोई दुकान चिलर, डीप फ्रीजर, मिक्सर, एयर-कूलर, प्रिंटिंग मशीन, सिलाई मोटर, कम्प्रेसर, चार्जिंग या वाटर-चिलिंग शाम में लंबे समय चलाती है, तो लागत बढ़ सकती है। वही काम दिन में शिफ्ट करने पर खर्च कम हो सकता है।
टारापुर दुकानदार क्या करें
- बिजली ज्यादा खाने वाले उपकरणों की सूची बनाएं।
- ग्राहक-facing उपयोग और बैकएंड प्रेप उपयोग अलग करें।
- सुबह 9 से शाम 5 बजे का समय प्री-कूलिंग, चार्जिंग और स्टॉक तैयारी के लिए इस्तेमाल करें।
- शाम के समय LED लाइट, कुशल पंखे और केवल जरूरी उपकरण चलाएं।
निष्कर्ष
टारापुर में 2026 की दुकान योजना में बिजली का समय भी बिजनेस मॉडल का हिस्सा बन चुका है। बालराम कॉम्प्लेक्स में बेहतर ऑपरेटर वही होंगे जो उपकरण, स्टाफ और स्टॉक तैयारी को ToD टैरिफ के अनुसार व्यवस्थित करेंगे।
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